उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड का डीजीपी ने किया खुलासा,बिल्डर अशोक ने जमीन विवाद में कराया मर्डर

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मुख्य साजिशकर्ता और शूटर को बेनकाब कर दिया है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में और भी खुलासे होंगे,जांच जारी है।

उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड का डीजीपी ने किया खुलासा,बिल्डर अशोक ने जमीन विवाद में कराया मर्डर

राकेश कुमार के साथ गौरव कुमार की रिपोर्ट//पटना- के बहुचर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड मामले में बिहार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे बिल्डर अशोक शाह का हाथ है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हत्या का मुख्य कारण जमीनी विवाद है। पुलिस ने मामले में मुख्य शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार व अन्य सामान बरामद कर लिए हैं।

 

हत्या की साजिश और शूटर से डील

 

पुलिस के अनुसार, बिल्डर अशोक शाह ने करीब डेढ़ महीने पहले ही गोपाल खेमका की हत्या की साजिश रची थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने उमेश यादव नाम के एक शूटर से संपर्क किया था। हत्या के लिए 4 लाख रुपये में डील हुई थी, जिसमें से 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर उमेश को दिए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि शूटर उमेश ने इन पैसों का इस्तेमाल अपने बच्चों की फीस भरने के लिए किया था। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि अशोक शाह के घर से बड़ी मात्रा में जमीन से संबंधित कागजात मिले हैं, जो जमीनी विवाद की ओर इशारा करते हैं।

 

पुलिस की जांच और अहम गिरफ्तारियां

 

पटना एसएसपी ने बताया कि घटना स्थल से मिले सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और उमेश यादव से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है। उमेश यादव ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और हथियार के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, उमेश के कपड़े, जूते और मास्क बरामद किए। उमेश के घर से 59 राउंड गोलियां भी मिली हैं। उमेश यादव ने ही अशोक शाह का नाम लिया, जिसके बाद अशोक शाह की भूमिका स्पष्ट हुई।

 

अशोक शाह का आपराधिक इतिहास और खेमका परिवार की सुरक्षा

 

पटना एसएसपी ने बताया कि अशोक शाह का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी तीन-चार हत्याकांडों में पूछताछ झेल चुका है और एक मामले में जेल भी जा चुका है। इसके अलावा डीजीपी ने यह भी कहा कि गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या में शामिल रहे सुपर शूटर की बाद में हत्या हो गई थी। गोपाल खेमका परिवार को पहले अंगरक्षक मुहैया कराए गए थे, लेकिन उन्होंने 2024 में स्वेच्छा से उन्हें लौटा दिया था। राज्य सुरक्षा समिति ने उन्हें फिर से अंगरक्षक देने की अनुशंसा की थी, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था।

 

अवैध हथियारों के कारोबार पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

 

आईजी पटना जितेंद्र राणा ने इस मामले में मारे गए एक सप्लायर विकास उर्फ राजा का भी जिक्र किया। विकास कई हत्याकांडों में शामिल रहा था और अवैध हथियारों का कारोबार करता था। जब पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी तो उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। आईजी ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिहार पुलिस अवैध हथियारों का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

 

गोपाल खेमका हत्याकांड के इस खुलासे से पटना में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मुख्य साजिशकर्ता और शूटर को बेनकाब कर दिया है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में और भी खुलासे होंगे,जांच जारी है।


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