पटना पुलिस ने सोनू हत्याकांड का किया सफल उद्भेदन, असली गुनहगारों को दबोचा, हत्या हो सकती है आपसी रंजिश का परिणाम

पुलिस ने किसी दबाव में आए बिना वैज्ञानिक साक्ष्यों और CCTV फुटेज पर भरोसा किया, जिससे असली अपराधियों का चेहरा बेनकाब हो सका। पुलिस की यह कार्यशैली बेहद सराहनीय मानी जा रही है।

पटना पुलिस ने सोनू हत्याकांड का किया सफल उद्भेदन, असली गुनहगारों को दबोचा, हत्या हो सकती है आपसी रंजिश का परिणाम

रवि सिंह के साथ गौरव की रिपोर्ट//पटना-गया मुख्य मार्ग (NH-22) पर हुए सोनू कुमार हत्याकांड में पटना पुलिस ने अपनी विवेकपूर्ण जांच और तकनीकी अनुसंधान के जरिए असली अपराधियों तक पहुँचने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने न केवल घटना में प्रयुक्त जाइलो कार बरामद की, बल्कि तीन लाइनर को भी गिरफ्तार कर लिया है।

 

बीते 22 जनवरी को धनरुआ थाना अंतर्गत नीमा सूर्य मंदिर के पास अपराधियों ने 26 वर्षीय सोनू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई मिट्ठू कुमार के आवेदन पर धनरुआ थाना में कांड संख्या 38/26 दर्ज किया गया था। इस मामले में ललन सिंह, किसुन सिंह समेत 7 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ हत्या की धारा और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।

 

पुलिस की सूझबूझ से सुलझी गुत्थी

 

शुरुआती एफआईआर में सात नामजद अभियुक्तों पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अभी तक के जांच के क्रम यह बात सामने निकल कर आयी है कि नामजद अभियुक्तों के संबंध फिलहाल इस हत्या से नहीं जुड़े हैं। पुलिस ने किसी दबाव में आए बिना वैज्ञानिक साक्ष्यों और CCTV फुटेज पर भरोसा किया, जिससे असली अपराधियों का चेहरा बेनकाब हो सका। पुलिस की यह कार्यशैली बेहद सराहनीय मानी जा रही है।

 

मृतक सोनू कुमार का आपराधिक इतिहास

 

मृतक सोनू कुमार की पृष्ठभूमि को लेकर भी बड़े खुलासे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय सोनू कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पटना के रामकृष्णा नगर थाना में सोनू के खिलाफ हत्या, गोलीबारी और शराब तस्करी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे, वह कुछ ही महीने पहले राजेश हत्याकांड में जेल से बाहर आया था। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हत्या जमीनी विवाद या फिर पुरानी आपसी रंजिश का परिणाम हो सकता है।

 

पुलिस ने तकनीकी सूचनाओं के आधार पर छापेमारी कर आशिष कुमार (नालंदा), प्रिंस राज (कुम्हरार, पटना), बिट्टू कुमार (धनरुआ, पटना) को गिरफ्तार किया है, इनके पास से घटना में प्रयुक्त जाइलो कार और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की बात स्वीकार की है।

 

फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फिलहाल दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के बाद ही यह पता लगाया जा सकता है कि इस हत्या के पीछे और कौन कौन लोग शामिल है, पुलिस की इस तत्परता ने निर्दोषों को फंसने से बचाया और असली अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। पुलिस की सही कुशल कार्यशैली का ही परिणाम है कि असली गुनाहगार तक पहुंच पाई है.


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