दुलारचंद यादव हत्याकांड- बाढ़ में चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, एक SDPO और एक SDO का तबादला, एक सस्पेंड जानिए पूरी जानकारी
मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले घोसवरी और भदौर के थानेदारों को सस्पेंड किया गया है।
प्रिया सिंह के साथ गौरव कुमार की रिपोर्ट//पटना जिला अंतर्गत मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के बाद आयोग ने बिहार के डीजीपी और पटना डीएम से रिपोर्ट मांगी थी,जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। आयोग ने बाढ़ के एसडीओ और SDPO -1 का तबादला तो एसडीपीओ -2 को सस्पेंड कर दिया है और पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग को हटाने का आदेश दिया है।इसके साथ ही, इस मामले की रिपोर्ट 2 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक आयोग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।गौरतलब है कि इस मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शुरुआत में गोली लगने से मौत होने की धारणा को पूरी तरह से चुनौती दी है।
चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत एक्शन लिया है। जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, वे इस प्रकार हैं:
बाढ़ एसडीओ चंदन कुमार को हटाकर उनकी जगह आईएएस अफसर आशिष कुमार को तैनात किया गया है।
बाढ़ एसडीपीओ 1 राकेश कुमार की जगह सीआईडी के डीएसपी आनंद कुमार सिंह को भेजा गया है।
चुनाव आयोग ने बाढ़ एसडीपीओ 2 अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया है वही एटीएस के डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को SDPO 2 के जगह तैनात किया गया है।
आयोग ने पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग को भी हटाने का आदेश दिया है।मामले की रिपोर्ट 2 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक आयोग को सौंपने का सख्त निर्देश दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का राज
यह घटना जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट और परिजनों के आरोपों में दुलारचंद यादव की हत्या को गोली लगने से जोड़ा गया था। हालांकि, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम ने इस धारणा को बदल दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि दुलारचंद यादव के सीने पर गाड़ी चढ़ने से उनकी हड्डी टूट गई और फेफड़े फट गए, जिससे उनकी मौत हुई। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि गोली केवल बाहरी चोट थी और मौत का कारण नहीं थी। मेडिकल टीम ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए करीब दो घंटे तक हर पहलू का गहन अध्ययन किया।
पुलिस का बयान और दर्ज FIR
पटना के एसएसपी कार्तिकेय एस शर्मा ने घटना पर पुलिस का बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में अबतक कुल चार एफआईआर दर्ज किए गए हैं, जिनमें दोनों उम्मीदवारों (अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी) और पुलिस के द्वारा दर्ज कराए गए केस शामिल हैं।
दर्ज एफआईआर:
मुख्य घटना (दुलारचंद यादव हत्याकांड) से संबंधित।
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में।
पोस्टमार्टम के लिए डेड बॉडी को ले जाने के दौरान हुए पथराव की घटना को लेकर।
दूसरे उम्मीदवार से संबंधित (संभवतः जवाबी एफआईआर)।
एसएसपी ने पुष्टि की कि दुलारचंद यादव की मौत छाती और फेफड़े में चोट के कारण हुई है। मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ जारी है। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले घोसवरी और भदौड़ के थानेदारों को सस्पेंड किया गया है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
एसएसपी ने यह भी कहा कि फिलहाल इलाके में हालात सामान्य हैं और जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। उन्होंने दुलारचंद यादव के पोते द्वारा धमकी दिए जाने पर स्पष्ट किया कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने लोगों और सोशल मीडिया चैनल से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की, क्योंकि पुराने वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि जांच के बाद कुछ और ही बातें सामने आ रही हैं। घटना के कई वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है, जिसके बाद पूरी जानकारी सामने आएगी।
चुनाव आयोग के इस कड़े कदम से साफ है कि वह मोकामा घटना को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों के तबादले और रिपोर्ट की मांग, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब सबकी निगाहें 2 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक भेजी जाने वाली
पुलिस और प्रशासनिक रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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