अथमलगोला में मुहर्रम पर निकला भव्य ताजिया जुलूस, प्रशासन रहा चौकस, सैकड़ों की संख्या में इस्लामधर्म के अनुयायी हुए शामिल
बीडीओ, पुलिस अंचल निरीक्षक, थानाध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि, मुखिया प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन हुए शामिल,इस्लामधर्म के अनुयायी अपने शहीदों की याद तरोताजा रखने के लिए इस त्योहार को बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं।
पटना जिला अंतर्गत अथमलगोला थाना क्षेत्र के सबनिमा में मुहर्रम के अवसर पर इस्लामधर्म के अनुयायियों द्वारा भव्य तजिया जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर दिखा। जिसकी कमान स्वयं प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार, पुलिस अंचल निरीक्षक अनिल कुमार, एवं थानाध्यक्ष राहुल कुमार नवनीत ने संभाल रखी थी। वहीं प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि कन्हैया कुमार, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि धर्मेश कुमार सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन जुलूस में शामिल रहे। यह कहना उचित होगा कि यह जुलूस आपसी प्रेम और सदभाव का संदेश देता दिखा।

मो जाबीर ने बताया कि जुलूस प्रशासन की देखरेख में अथमलगोला थाना क्षेत्र की पश्चिमी सीमा से शुरू होकर रामनगर पुल तक निकाला गया। जिसमें अनुयायियों द्वारा डंका बजा कर चौराहों एवं मोड़ों पर रुककर लाठी, भला, तलवार भांज कर उस समय के युद्धकौशल की याद को ताजा किया।ये सब बताते है कि इमाम किस बहादुरी के साथ दुश्मनों से लड़े थे।

ज्ञात हो कि मुसलमानों के लिए ईद हर्ष का त्योहार है, तो मुहर्रम विषाद का। इस्लामधर्म के अनुयायी अपने शहीदों की याद तरोताजा रखने के लिए इस त्योहार को बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं। इस्लामी इतिहास की सबसे दुःखद घटना की याद में वर्ष के पहले महीने की पहली तारीख से दसवीं तारीख तक मुहर्रम मनाया जाता है। इस घटना का संबंध इस्लामधर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद के नाती हजरत इमाम हुसैन के बलिदान से है।यह पर्व उस आदर्श की याद दिलाता है, जिसमें मनुष्य के लिए उसके जीवन से बढ़कर उसके आदर्श की महत्ता है। मनुष्य पर चाहे विपत्तियों का पहाड़ ही क्यों न टूट पड़े, किंतु धर्म और सत्य के मार्ग से उसे विचलित नहीं होना चाहिए। अन्याय के सक्रिय विरोध का प्रतीक है- मुहर्रम
Click Here To Read More ,खबर को पढ़ने के लिए क्लिक करें
What's Your Reaction?
