टाइफाइड बुखार-जानिए लक्षण, कारण और बचाव,अधूरा इलाज खतरनाक, डॉ बी आर सिंह ने बताया कि ......
अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित संध्या हॉस्पिटल, अथमलगोला, पटना के निदेशक ने बताया कि घबराएं नहीं। अब टाइफाइड, निमोनिया, डेंगू सहित कई रोगों का इलाज कुशल चिकित्सकों की देखरेख में बहुत ही कम खर्च में यहां भी 24x7 संभव है।
विशेष साक्षात्कार --- टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जो भारत में बारिश और गर्मी के मौसम में तेजी से फैलता है। जिसे समय पर पहचानना जरूरी है।टाइफाइड किसी भी उम्र में हो सकता है, पर कुछ उम्र के लोगों में इसका खतरा और गंभीरता ज्यादा होती है।5 साल के बच्चे से लेकर 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ सकते हैं। जिसके लक्षण कारण और बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है। इस संबंध में जानकारी देते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित संध्या हॉस्पिटल, अथमलगोला बाजार, पटना के निदेशक डॉ बी आर सिंह ने बताया कि घबराएं नहीं। अब टाइफाइड, निमोनिया, डेंगू सहित कई रोगों का इलाज कुशल चिकित्सकों की देखरेख में बहुत ही कम खर्च में यहां भी 24x7 संभव है। उन्होंने बताया कि.......
कारण और फैलाव-
टाइफाइड Salmonella Typhi नाम के बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया से संक्रमित पानी या खाना पीने-खाने से फैलता है।मक्खियों द्वारा खुले खाने पर बैक्टीरिया बैठा देना सबसे कॉमन वजह है।यह संक्रमित व्यक्ति से या कैरियर व्यक्ति के मल-मूत्र के संपर्क में आए हाथों से या बिना हाथ धोए खाना बनाने या परोसने से भी फैलता है। वहीं खुले में शौच, नालियों का गंदा पानी पीने के पानी में मिल जाना या बाढ़ जैसे इलाकों में इसका खतरा ज्यादा रहता है।
मुख्य लक्षण--
बैक्टीरिया शरीर में जाने के 1-3 हफ्ते बाद दिखते हैं। इसे आंत्र ज्वर भी कहते हैं। जिसमें पहला हफ्ता 1. धीरे-धीरे बढ़ने वाला तेज बुखार 103-104°F तक 2. सिरदर्द, कमजोरी, भूख न लगना 3. सूखी खांसी वहीं दूसरा हफ्ता 1. बुखार लगातार तेज रहना 2. पेट में दर्द, कब्ज या दस्त3. सीने/पेट पर गुलाबी रंग के छोटे दाने 4. तिल्ली और लीवर का बढ़ना जबकि तीसरा हफ्ता 1. अगर इलाज न हो तो आंत में छेद/ब्लीडिंग का खतरा 2. बहुत ज्यादा कमजोरी, डिहाइड्रेशन या ठंड लगना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, वजन घटना है। हालांकि कई बार टाइफाइड को सामान्य वायरल समझने की गलती हो जाती है। 3-4 दिन से ज्यादा बुखार रहे तो अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

बचाव के तरीके--
खाने-पीने में सावधानी बरतते हुए पानी को कम से कम 1 मिनट उबालकर ही पिएं। RO/फिल्टर का पानी भी भरोसेमंद न हो तो उबालें।कटा फल, गोलगप्पे, बर्फ, जूस, खुले में रखा खाना बिल्कुल न खाएं।ताजा बना गर्म खाना ही खाएं। बासी खाने से बचें।खाना खाने से पहले, शौच के बाद, और बाहर से आकर साबुन से 20 सेकंड हाथ धोएं।फल-सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
चिकित्सा बचाव--
बच्चों और ज्यादा खतरे वाले इलाकों में रहने वालों के लिए Typhoid Conjugate Vaccine (TCV) लगवाएं। ये 3 साल तक सुरक्षा देता है। डॉक्टर से सलाह लें।घर में किसी को टाइफाइड की पुष्टि है तो उसके बर्तन, टॉवल अलग रखें। खुद से दवा न लें। एंटीबायोटिक कोर्स डॉक्टर की सलाह से ही पूरा करें।खूब आराम करें। नारियल पानी, ORS, दाल का पानी, छाछ लेते रहें। खिचड़ी, दलिया, उबले आलू, केला लें। तली-भुनी, मसालेदार चीजें न खाएं।
जरूरी चेतावनी--
अधूरा इलाज खतरनाक है। बैक्टीरिया शरीर में रह सकता है और आप 'कैरियर' बनकर दूसरों में फैला सकते हैं। यह जानलेवा हो सकता है पर साफ-सफाई से 100% रोका जा सकता है। इसीलिए बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
Click Here To Read More ,खबर को पढ़ने के लिए क्लिक करें
What's Your Reaction?
