पेड़ से गिरे नींबू को उठाने से आक्रोशित बगीचे के मालिक की पिटाई से मृत किशोर का पुलिस की निगरानी में हुआ अंतिम संस्कार
पीड़ित पिता राजकुमार पासवान जो पटना में ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि 1 साल पहले ही उनके एक बच्चे की बीमारी से मौत हुई थी।जिसका कर्ज आज तक चुका रहे हैं।अब दूसरे बेटे की हत्या ने उनका सब कुछ छीन लिया है।
नालंदा से अविनाश पांडेय की रिपोर्ट-- जिला के सकरावां गांव में दिन मंगलवार को 14 वर्षीय शुभम कुमार की पेड़ से गिरे नींबू उठाने के विवाद में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। हालात इस कदर बेकाबू हो गया की नालंदा जिला प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए 300 पुलिसकर्मी की भारी फौज उतारनी पड़ी।घटना के बाद पूरा सकरावां गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।नालंदा के लगभग सभी थाना अध्यक्षों को मौके पर तैनात किया गया। यहां तक कि पड़ोसी शेखपुरा और पटना जिला से पुलिस बल का बुलाना पड़ा। भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बाद ही उग्र ग्रामीणों को शांत कराया जा सका और स्थिति नियंत्रण में आई।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिक दर्ज की है।अब तक कल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नालंदा एसपी भारत सोनी स्वय मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होंने बताया कि सकरावां गांव में वर्तमान में भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।300 जवानों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य गांव में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या सामाजिक हिंसा को रोकने और कानून व्यवस्था शांति माहौल बनाए रखना है।
विवाद की जड़ बेहद मामूली थी जिसने एक हंसते खेलते परिवार को तबाह कर दिया। मृतक 14 वर्षीय शुभम कुमार मंगलवार की दोपहर करीब 11:35, बजे स्कूल से लौटा था। वह अपने एक दोस्त के साथ खलील अंसारी उर्फ गोरे के बागान की ओर गया था। आरोप है कि शुभम कुमार ने वहां गिरा हुआ एक नींबू उठा लिया। जिससे नाराज होकर खलील अंसारी और उसके परिजनों ने उस पर लाठी डंडों से हमला कर दिया।मासूम शुभम कुमार को लाठी डंडों से इतना पीटा की अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
मौत की खबर सुनते ही सैकड़ो ग्रामीण आरोपियों के घर को घेरने निकल गया। जिसके बाद प्रशासन को बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। पीड़ित पिता राजकुमार पासवान जो पटना में ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि 1 साल पहले ही उनके एक बच्चे की बीमारी से मौत हुई थी।जिसका कर्ज आज तक चुका रहे हैं।अब दूसरे बेटे की हत्या ने उनका सब कुछ छीन लिया है।
जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 5,लाख रुपए की तत्काल सहायता राशि दी है। एसपी भारत सोनी ने बताया कि साक्षय जूटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाकर बारीकी से निरीक्षण कराया जा रहा है, जिला इंटेलिजेंस की टीम भी लगातार क्षेत्र में सर्वे कर रही है ।फिलहाल भारी पुलिस बल के बीच शव का पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार के लिए बाढ़ उमानाथ अंतिम संस्कार के लिए भेजा
गया।
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