इंदिरा आवास में अवैध उगाही के विरोध में ग्रामीणों ने मुखिया को बनाया बंधक, किसी तरह बेटा के साथ भाग मुखिया हुआ भूमिगत
प्रखंड प्रमुख और बीडीओ ने लिया संज्ञान, आवास सहायक पर गिरी गाज, मुखिया पुत्र पर प्रखंड और मुखिया पर पंचायत मैनेज का आरोप,मुखिया जी भी पिंड छुड़वाकर वहां से निकल पड़े और भूमिगत हो गए ,प्रखंड कार्यालय पर बेटा की मजबूत पकड़ है और हर मामला रफा दफा हो जाता है।
प्रिया सिंह की रिपोर्ट//पटना- जिला अंतर्गत अथमलगोला प्रखण्ड अंतर्गत बहादुरपुर पंचायत के बहादुरपुर गांव के वार्ड संख्या 8 और 9 में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब मुखिया की मौजूदगी में इंदिरा आवास के लाभार्थियों से फोटो खींचने के नाम पर उनके समर्थक द्वारा प्रति घर 500 रूपये की अवैध उगाही की जाने लगी। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने मुखिया नगीना गुप्ता पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए मुखिया को करीब एक घंटे तक बंधक के रूप में बैठाकर पूछताछ करना शुरू किया तथा तत्काल इसकी सूचना अथमलगोला प्रखण्ड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार को भी दूरभाष पर दी।
बीडीओ द्वारा आरोप पर संज्ञान लेते और मामले को तूल पकड़ता देख मुखिया ने उगाही करने वाले से पल्ला झाड़ते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी से पैसे की मांग नहीं होगी।और प्रखंड में कार्यरत अपने पुत्र जयशंकर कुमार को बाइक से बुलाकर मौके से निकल भागे। जब मिडिया की टीम ने उनसे संपर्क का प्रयास किया तो उन्होंने बार बार फोन लगाने के बावजूद भी जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।
ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को अथमलगोला प्रखण्ड के बहादुरपुर पंचायत के मुखिया नगीना गुप्ता बहादुरपुर गांव में एक फोटोग्राफर एवं समर्थक को लेकर इंदिरा आवास की वेरिफिकेशन में आये थे।ग्रामीणों का यह आरोप है की जिनका -जिनका वेरिफिकेशन किया जा रहा था।उन सभी लाभूकों से पांच पांच सौ रूपये की अवैध उगाही की जा रही थी।ग्रामीणों की माने तो कुछ लाभुकों से पांच पांच सौ रूपए की उगाही कर भी ली गई थी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा इस उगाही का विरोध व हंगामा किया जाने लगा। जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और मुखिया को करीब एक घंटे तक बैठाकर रखा गया।
गांव के ही राम लगन देव ने बताया कि आवास सहायक पंचायत के ही कुछ लड़के को पैसा वसूली के लिए अपने साथ लेकर घूम रहा था और फोटो के नाम पर पंचायत के दर्जनों लोगों से अवैध वसूली किया जब मामला तूल पकड़ लिया तो मुखिया जी भी पिंड छुड़वाकर वहां से निकल पड़े और भूमिगत हो गए ।ग्रामीणों का यह भी शिकायत है की मुखिया जी का पुत्र जयशंकर कुमार स्वच्छता पर्यवेक्षक है।जिसके चलते प्रखंड कार्यालय पर उसकी मजबूत पकड़ है और हर मामला रफा दफा हो जाता है।
मिडिया टीम के सामने कई लाभुक और ग्रामीणों ने अवैध उगाही करने के विरोध में मुखिया को डिटेन करने की बात स्वीकार की है।वहीं कुछ ग्रामीणों ने मुखिया पर यह आरोप लगाया की चूंकि बिहार में इसी साल ( 2026) में पंचायत चुनाव निर्धारित है,इसलिए मुखिया चुनावी साल में अवैध उगाही कर रहा है।बहरहाल बहादुरपुर गाँव के ग्रामीणों द्वारा मुखिया पर लगे इस अवैध उगाही के आरोप के बाद क्या प्रशासनिक कार्यवाही होती है,यह देखने वाली बात होगी।
पंचायत के ही सरिता देवी और उर्मिला देवी ने बताया कि उनसे अवैध पैसे की वसूली की गई है वहीं दूसरी तरफ वार्ड सदस्य मिथिलेश कुमार और वार्ड सदस्य प्रतिनिधि बबलू कुमार ने बताया कि पंचायत में अराजकता की स्थिति फैली हुई है मुखिया के द्वारा ना तो बैठक बुलाया जाता है और ना ही विकास कार्य के लिए वार्ड सदस्य से मंतव्य लिया जाता है लाइट लगाने की बात हो या नली/गली बनाने की बात मुखिया जी अपने दलाल के माध्यम से हर काम पूरा कर लेते हैं
प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि राज किशोर सिंह का कहना है कि गरीब जनता के साथ इस तरह का अवैध वसूली बिल्कुल गलत है इसके लिए मैं विभाग को अवगत कराते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता हूं।बीडीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है।और त्वरित करवाई करते हुए आवास सहायक पप्पू कुमार को शॉ काउज का पत्र दिया जा रहा। और मामले की जानकारी ली जा रही है।उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की किसी भी पंचायत में अवैध उगाही की शिकायत मिलने पर साक्ष्य के अनुरूप तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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