प्रोजेक्ट स्वाभिमान- दो सप्ताह में 15 हजार दस्तावेज़ और सरकारी सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य, 55 ईंट-भट्ठों पर बनेंगे लर्निंग सेंटर
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और बुनियादी अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए।
धीरज सिन्हा की रिपोर्ट//शेखपुरा. जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में बुधवार को प्रोजेक्ट स्वाभिमान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नींव की ईंट फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की ओर से अंशु कुमार ने ईंट-भट्ठा श्रमिक परिवारों के बीच किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों के आवश्यक दस्तावेज़ों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से वंचित होने की जानकारी सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को उनके घर के निकट ही दस्तावेज़ एवं सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अभियान के तहत अगले दो सप्ताह में 15 हजार से अधिक आवश्यक दस्तावेज़ एवं सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही जिले के 55 ईंट-भट्ठों पर क्रेच-सह-अक्षर लर्निंग सेंटर स्थापित करने का निर्देश खनिज विकास पदाधिकारी को दिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब जिले के सफाई कर्मी समुदाय का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें भी सरकारी योजनाओं और आवश्यक दस्तावेज़ों से जोड़ा जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और बुनियादी अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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