आश्वासन के बाद भी एफआईआर-अथमलगोला में अमन की बरामदगी को लेकर सड़क जाम करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई।

एक दर्जन नामजद, 20 अज्ञात पर केस, विधायक प्रतिनिधि ने दिया था कार्रवाई नहीं होने का भरोसा, अब मुख्यालय के निर्देश का हवाला।विधायक प्रतिनिधि ने कहा वादा खिलाफी न करें थानाध्यक्ष

आश्वासन के बाद भी एफआईआर-अथमलगोला में अमन की बरामदगी को लेकर सड़क जाम करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई।

पटना जिला अंतर्गत अथमलगोला थाना क्षेत्र के सूर्यपुरा गांव से लापता 22 वर्षीय युवक अमन की बरामदगी में देरी से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन (NH-31) जाम करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। अथमलगोला पुलिस ने सोमवार की शाम कार्रवाई करते हुए 12 नामजद और 20 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

लेकिन इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क पर आंदोलन कर रहे लोगों को जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं होगी, तो फिर उसी मामले में बाद में प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी? बताया जा रहा है कि पुलिस ने मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद मामला दर्ज किया है।

थानाध्यक्ष राहुल कुमार नवनीत ने बताया कि वरीय अधिकारियों से मिले निर्देश के आलोक में शनिवार को फोरलेन बाधित करने के आरोप में यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है। कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने या आमजनों को परेशान करने की इजाजत किसी को नहीं है। नियम उल्लंघन करने वालों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा l

उल्लेखनीय है कि अमन की सुरक्षित वापसी में हो रही देरी से परेशान परिजनों और ग्रामीणों ने बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन को करीब 3 घंटे तक पूरी तरह जाम कर दिया था। इसके बाद बाढ़ विधायक प्रतिनिधि इंदुभूषण सिंह, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि राजकिशोर सिंह और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली थी। प्रशासन द्वारा 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन और विधायक प्रतिनिधि द्वारा ग्रामीणों पर पुलिसिया कार्रवाई न होने के भरोसे के बाद ही जाम समाप्त हुआ था।

​मामला दर्ज होने पर विधायक प्रतिनिधि इंदुभूषण सिंह ने कहा कि वे पीड़ित परिवार और आम जनता के साथ हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों से बातचीत कर ग्रामीणों को दिए गए आश्वासन को पूरा कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा l ताकि निर्दोषों को परेशानी न हो। आगे कहा कि थानाध्यक्ष वादा खिलाफी न करें l और विश्वास जताया कि नाइंसाफी नहीं होगी l

फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब भी वहीं खड़ा है—13 सितंबर से लापता अमन आखिर कहां है?परिजन और ग्रामीण पहले अमन की सकुशल बरामदगी चाहते हैं।सड़क जाम के बाद अब एफआईआर का मामला सामने आने से आंदोलन में शामिल लोगों के बीच भी असमंजस की स्थिति है।एक तरफ लापता युवक का परिवार अपने बेटे की राह देख रहा है, दूसरी तरफ सड़क जाम करने वालों पर एफआईआर दर्ज हो गई है। ऐसे में अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है—कानून-व्यवस्था भी संभालनी है और अमन को जल्द से जल्द तलाशना भी है।

 

प्रिया सिंह की रिपोर्ट 


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