​लावारिस पशुओं का आश्रय स्थल बना बाढ़ रेलवे स्टेशन, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा ​विशेष

व्यस्त दानापुर-हवड़ा रेलखंड पर तेज़ रफ़्तार ट्रेनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि कोई ट्रेन मवेशियों से टकराती है, तो एक गंभीर रेल दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

​लावारिस पशुओं का आश्रय स्थल बना बाढ़ रेलवे स्टेशन, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा ​विशेष

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल अंतर्गत ऐतिहासिक बाढ़ रेलवे स्टेशन इन दिनों लावारिस पशुओं का प्रमुख अड्डा बन चुका है। स्टेशन परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार और प्लेटफ़ॉर्मों पर दिन-रात घूमते लावारिस बसहा बैल और दर्जनों आवारा कुत्तों ने यात्रियों की आवाजाही को जोखिम में डाल दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि जिस परिसर को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का केंद्र होना चाहिए था, वह अब पशुओं के चारागाह में तब्दील नजर आ रहा है।

मुख्य द्वार से प्लेटफ़ॉर्म तक दहशत का माहौल

​स्टेशन के मुख्य गेट पर प्रवेश करते ही आवारा पशुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। यात्रियों को अपनी ट्रॉली और सामान बचाकर किसी तरह अंदर दाखिल होना पड़ता है। इतना ही नहीं, ये पशु प्लेटफ़ॉर्म पर भी बेखौफ घूमते रहते हैं। ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्रियों के आसपास अचानक सांडों की भिड़ंत होने से कई बार भगदड़ की स्थिति बन जाती है। वहीं, आवारा कुत्ते खान-पान की वस्तुओं के लिए यात्रियों और खासकर बच्चों पर झपटने का प्रयास करते हैं।सुरेश कुमार, दैनिक यात्री के अनुसार ​"स्टेशन पर बच्चों के साथ ट्रेन पकड़ना अब काफी खतरनाक हो गया है। प्लेटफ़ॉर्म पर घूम रहे सांड कब भड़क जाएँ, कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

 

ट्रेन दुर्घटना की बड़ी आशंका

​मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ये मवेशी अक्सर प्लेटफ़ॉर्म से उतरकर सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुँच जाते हैं। व्यस्त दानापुर-हवड़ा रेलखंड पर तेज़ रफ़्तार ट्रेनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि कोई ट्रेन मवेशियों से टकराती है, तो एक गंभीर रेल दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

 

यात्रियों ने उठाई त्वरित कार्रवाई की माँग

 

​बाढ़ स्टेशन से रोजाना हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेल प्रशासन तथा दानापुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:

 

​मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।

 

​स्थानीय नगर परिषद के सहयोग से आवारा पशुओं व कुत्तों को पकड़कर कांजी हाउस भेजा जाए।

 

​सुरक्षा गश्त बढ़ाकर यात्रियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

रिपोर्ट प्रिया सिंह 


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