गया में ग्रामीणों ने किया अनोखा विरोध, सड़क नहीं बनी तो जर्जर और कीचड़ युक्त सड़क पर ही किया धान की रोपनी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को दफनाने या अंतिम संस्कार के लिए घाट तक ले जाने में भी परेशानी होती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण शव यात्रा में शामिल लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आशीष कुमार/गया--जिले के गुरारू प्रखंड क्षेत्र की रौना पंचायत के रौना गांव स्थित वार्ड संख्या 4 में जर्जर रास्ते से परेशान ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों और कीचड़ में धान की रोपनी कर अनोखा विरोध जताया।ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा रहने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को दफनाने या अंतिम संस्कार के लिए घाट तक ले जाने में भी परेशानी होती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण शव यात्रा में शामिल लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और सांसद के प्रति भी नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने गांव आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की बुनियादी समस्याओं की सुध लेने नहीं पहुंचते। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, बावजूद इसके अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों में धान रोपकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत कराने की मांग की है।
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