नवरात्रि में 9 दिन, 9 बेटियां और मुख्य पार्षद की कुर्सी, नारी शक्ति को नई उड़ान
यह पहल उन बच्चियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है, जिन्हें अक्सर ऐसे अवसर नहीं मिल पाते। कुल मिलाकर बरारी में नवरात्रि के दौरान शुरू हुई यह पहल संदेश दे रही है कि बेटियों को मौका मिले, तो वे भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
कटिहार से रतन कुमार की रिपोर्ट --नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के बीच कटिहार के बरारी नगर पंचायत में बेटियों को आत्मविश्वास और नेतृत्व का पाठ पढ़ाने की अनूठी पहल की गई है। यहां नौ दिनों तक नौ अलग-अलग बच्चियां मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठेंगी और एक दिन के लिए नगर पंचायत की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव हासिल करेंगी।
इस पहल की शुरुआत बरारी नगर पंचायत की मुख्य पार्षद बबीता कश्यप ने की है। उनका मकसद सिर्फ बेटियों को कुर्सी पर बैठाना नहीं, बल्कि उनके भीतर नेतृत्व की क्षमता विकसित करना और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना है। इस अनूठी पहल के तहत नगर पंचायत के अलग-अलग इलाकों की बच्चियों को सांकेतिक रूप से एक दिन के लिए मुख्य पार्षद बनाया जा रहा है। बच्चियां कार्यालय पहुंचकर मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठती हैं और नगर पंचायत के कामकाज तथा जिम्मेदारियों को करीब से समझने का मौका पाती हैं। बबीता कश्यप का कहना है कि वह निजी तौर पर किसी बच्ची को आईएएस या आईपीएस नहीं बना सकतीं लेकिन उन्हें इतना आत्मविश्वास जरूर दे सकती हैं कि वे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें। इसी सोच के साथ नवरात्रि के नौ दिनों में नौ बच्चियों को नेतृत्व का अनुभव दिया जा रहा है।
मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठने का मौका पाकर बच्चियों के चेहरे भी खिल उठते हैं। उनके लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। यह पहल उन बच्चियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है, जिन्हें अक्सर ऐसे अवसर नहीं मिल पाते। कुल मिलाकर बरारी में नवरात्रि के दौरान शुरू हुई यह पहल संदेश दे रही है कि बेटियों को मौका मिले, तो वे भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
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