अनुमंडल के विभिन्न थानाध्यक्षो द्वारा तीन आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव की दी गई जानकारी।
अब हर थाने में वर्क का स्टेशन ,डाटा सेंटर तथा अनुसंधान हाॅल ,रिकॉर्ड रूम और पूछताछ कक्ष का जल्द ही निर्माण होगा।
अभिरंजन कुमार की रिपोर्ट//पटन(ग्रामीण)--जिला अंतर्गत बाढ़ अनुमंडल के हाथिदह,पंचमला, मराॅंची,मोकामा,पंडारक, एन.टी.पी.सी, घोसबरी, बेलछी,भदौर,अथमलगोला,सालिमपुर सम्यागढ़ ओ.पी तथा बेलछी थाने में बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर जानकारी दिया गया कि भारतीय संसद से पारित तीन नए अपराधिक कानून आज से लागू होने जा रहा है। जिसमें मानव अधिकारों व मूल्यों को केंद्र में रखा गया है।

नए कानून में भारतीय दंड संहिता 1860 की जगह भारतीय न्याय संहिता दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लेगा।कानून में दंड के जगह न्याय पर विशेष बल दिया गया है। क़ानून को नए ढंग से लागू करने के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से तैयार हो गया है। राज्य में 25 हजार से अधिक पुलिस पदाधिकारीयों व कर्मियों को नए कानून में बड़े-बड़े बदलाव से जुड़ी ट्रेनिंग भी जा चुकी है।
नए कानून में डिजिटल तौर एफ. आई. आर. नोटिस,समन ,ट्रायल, रिकॉर्ड , फॉरेंसिक,केस डायरी एवं बयान आदि को संग्रहित किया जाएगा तलाशी और जप्ती के दौरान वीडियोग्राफी ,फोटोग्राफी के लिए बिहार पुलिस के सभी अनुसंधान कर्ताओं को लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराया जाएंगे प्रत्येक थाने का एक नए उपकरणों के साथ आधुनिकी करण किया जा रहा है।अब हर थाने में वर्क का स्टेशन ,डाटा सेंटर तथा अनुसंधान हाॅल ,रिकॉर्ड रूम और पूछताछ कक्ष का जल्द ही निर्माण होगा।
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