शेखपुरा में मनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 123 वीं जयंती
123rd birth anniversary of Netaji Subhash Chandra Bose celebrated in Sheikhpura
शेखपुरा(धीरज सिन्हा की रिपोर्ट) --आज़ाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 123वीं जयंती को बड़े ही धूम -धाम के साथ साई कॉलेज ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग ओनामा,शेखपुरा के प्रांगण में मनाया गया । जिस में कई तरह की प्रतियोगिताओ का आयोजन हुआ अध्ययनरत प्रशिक्षुओं ने बोस जी की जीवंत पोर्ट्रेट का भी अंकन किया।सुभाष जी की जयंती के अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष के द्वारा महान विभूति को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
नेताजी के जन्मदिन के अवसर पर महाविद्यालय के प्रशिक्षुओं के द्वारा भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया इस अवसर पर महाविद्यालय के अध्यक्ष अंजेश कुमार ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा, जय हिंद, जैसे नारे से देश को आजादी दिलाने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजो को अपने देश वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया ।
महाविद्यालय के उपाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया की सुभाष चंद्र बोस के मन में बचपन से ही आजादी का तूफान हिलोरे मार रहा था। वह अंग्रेजो के अधीनता स्वीकार नही कर पा रहे थे। इस कारण एक वर्ष के अंदर ही I.C.S. के पद से इस्तीफा दे दिया और आजादी में जुट गए । इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राचार्य सर्वेश कुमार राय प्राध्यापक रविंद्र कुमार ,राकेश गिरी, विश्वजीत कुमार ने अपने भाषण के माध्यम से कहा की सुभाष चन्द्र बोस हमारे देश के गरम दल के नेता थे ।
इनसे ब्रिटिश हुकुमत थर - थर काँपती थी । इन्होंने सिंगापुर से आजाद हिन्द फौज के कमांडर के रूप में अंगेजो को कड़ी चुनौती दी ऐसे महापुरुष को शत - शत नमन । महाविद्यालय के प्रशिक्षु रितेश चंद्रपाल, बाल कृष्णा, अनुष्कृति ने अपने अपने भाषण के माध्यम से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के बारे में बताया। मंच संचालन का कार्य श्याम नारायण शर्मा के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में सीता राम सिंह, रघुबीर शंकर, राजा राम, आसित अमन, रवि रंजन एवम प्रियंका कुमारी की भी उपस्थिति रही।
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