प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राणा बीघा का हाल बेहाल, मरीजों को नहीं मिलती दवा और लाखों का सरकारी दवा हो रहा है बर्बाद
स्वास्थ्य कर्मी समय-समय पर ठिकाने लगा रहे हैं,ग्रामीणों का कहना है कि करीब 5 साल से मध्य विद्यालय राणा बीघा के एक कमरे में दो पिकअप वैन से लाई गई दवा को बंद कर छोड़ दिया गया है।5 साल में आज तक कमरे का ताला तक नहीं खुला।
पटना जिला अंतर्गत बाढ़ प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राणा बीघा का हाल पूरी तरह से बेहाल है। पुराना भवन होने के कारण लाखों रुपए की सरकारी दवा खुले आसमान में रख दी गई है।भवन के छत पर यूं ही कबाड़ में फेंक दिया गया है। जबकि कई दवा की एक्सपायरी डेट 2027 है। इसके बावजूद भी जो दवा मरीजों को मिलनी चाहिए थी, वह दवा भी फेंक दिए गए हैं।
इस मामले पर जब अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने भवन की कमी होने की बात कही।वही ग्रामीणों का कहना है कि करीब 5 साल से मध्य विद्यालय राणा बीघा के एक कमरे में दो पिकअप वैन से लाई गई दवा को बंद कर छोड़ दिया गया है।5 साल में आज तक कमरे का ताला तक नहीं खुला। अब स्वास्थ्य कर्मी बर्बाद हुए दावा को जलाने के फिराक में है।उनका आरोप है की दवा वितरण किया नहीं जाता है सिर्फ सरकारी दवा को बर्बाद किया जाता है।
मामले पर पटना सिविल सर्जन से भी बात की गई है उनका मानना है कि अगर इस तरह की बात हुई है तो स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगी। लेकिन अब नया भवन बनकर तैयार हो गया है। बचे हुए दावा को नए भवन में व्यवस्थित किया जाएगा।
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