कैमूर / सैयद अरसद रजा की ररेपोर्ट/ उचित मुआवजा की मांग को लेकर किसानों का सब्र का बांध टुटता हुआ दिखाई पड़ रहा है। किसान भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के विरोध में रविवार को 93 मौजा के किसानो ने धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन किया।
इसकी जानकारी देते हुए पशुपति नाथ सिंह ( महासचिव किसान संघर्ष मोर्चा) कैमूर ने कहा भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा को लेकर किसान सरकार से उचित मुआवजा की मॉंग कर रही है । किसानों का माँग है कि सरकार एवार्ड को निरस्त कर नये सिरे से भूमि अधिग्रहण की कारवाई शुरू करें। 2022 में भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए चांद चैनपुर भगवानपुर भभुआ एवं रामपुर प्रखंड के 93 मौजा के हजारों किसानों की 2000 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है।
किसानों का आरोप है कैमूर जिले में भूमि अधिग्रहण करते समय अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण कानून का सही पालन नहीं किया । किसानों ने कहा कैमूर जिले अधिकारियों ने बिहार सरकार को अंधेरे में रखा। भूमि अधिग्रहण में अवार्ड घोषित होने के बाद किसानों ने मुआवजा राशि देखा तो किसानों के द्वारा नाराजगी ज़ाहिर करते हुए उचित मुआवजे की माँग किया गया। किसानों की मुआवजा बाजार मूल्य से आधा देखकर किसानों ने भारत माला परियोजना का विरोध शुरू कर दिया।
कई महीनों से हो रहे आंदोलन।
किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं भारतीय किसान यूनियन कैमूर के नेतृत्व में पिछले दो सालों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने उचित मुआवजा को लेकर भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के लिए अधिकृत पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी के बेस कैंप स्थल मसोई में किसान अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। किसानों ने रविवार को 203 वा दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा हुआ है। अध्यक्ष विमलेश पांडेय ने कहा रविवार को 93 मौजा में किसानों ने धरना स्थल पर आज केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन करते हुए , भूमि अधिग्रहण का विरोध किया गया।
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