अथमलगोला में अपराधियों का तांडव- दुकानदार की गोली मारकर निर्मम हत्या, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

​घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अथमलगोला में अपराधियों का तांडव- दुकानदार की गोली मारकर निर्मम हत्या, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

​पटना जिला अंतर्गत अथमलगोला थाना क्षेत्र में पुलिस गश्ती के दावों की हवा निकालते हुए अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। अथमलगोला थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने 30 वर्षीय ललन पूरी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी और मौके से आसानी से फरार हो गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

​मृतक की पहचान दक्षनीचक निवासी ललन पूरी के रूप में हुई है, जो मेलों में दुकान लगाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। पुलिस ने शव को दक्षनीचक रेलवे फाटक के उत्तर सड़क किनारे एक खेत से बरामद किया है। घटना मंगलवार मध्यरात्रि की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।

​प्रभारी थानाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत होता है। सटीक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

​पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस वारदात ने स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पुलिस गश्त केवल कागजों तक सीमित है। रात्रि गश्त में ढिलाई के कारण ही अपराधी इतने बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में नियमित और मुस्तैद पुलिसिंग होती, तो अपराधी इस तरह की दुस्साहसिक वारदात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। अथमलगोला थाना क्षेत्र के दक्षिणीचक गांव में रूपस मेले से घर लौट रहे करीब 35 वर्षीय ललन पुरी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने जहां पूरे इलाके को दहला दिया है, वहीं अब इस मामले में अथमलगोला थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हत्या से महज चार-पांच दिन पहले ही ललन पुरी ने अपनी लूना/मोपेड जलाए जाने को लेकर आरोपी शंकर महतो के खिलाफ अथमलगोला थाने में लिखित आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद यदि समय रहते मामले को गंभीरता से लिया जाता और आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होती तो शायद आज ललन पुरी जिंदा होते। हालांकि, पुलिस द्वारा आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई, आवेदन की जांच किस स्तर पर हुई और मृतक को थाने में वास्तव में क्या कहा गया, इसकी स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मृतक की पत्नी ने बताया कि पड़ोसी शंकर महतो को आरोपित करते हुए थाना में बाइक जला देने से संबंधित एक आवेदन दिया गया था l लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई l और सरपंच से मिलने की बात कही l वहाँ भी न्याय नहीं मिल सका l मुझे पूरा यकीन है कि मेला से दुकान बंद कर लौटने के क्रम में शंकर महतो द्वारा ही मेरे पति की हत्या की गई हैl
वहीँ पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने बताया कि एक गोली निकाल दी गई है l जबकि एक अभी भी शरीर के अंदर हैl फ़िलहाल गोली लगने से ही मौत होने की बात कही जा सकती है l

​घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


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