अथमलगोला के 8 गांवों को जलजमाव से मुक्ति दिलाने की बड़ी पहल, सामूहिक जल निकासी व्यवस्था की उठी मांग

​केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर पटना जिलाधिकारी को भेजा गया आवेदन, त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध, बहादुरपुर, जमालपुर समेत 8 गांवों में बारिश के दिनों में ठप हो जाता है जनजीवन; खेती और आवागमन पर बुरा असर

अथमलगोला के 8 गांवों को जलजमाव से मुक्ति दिलाने की बड़ी पहल, सामूहिक जल निकासी व्यवस्था की उठी मांग

अथमलगोला स्टेशन बाजार के समीप बसे बहादुरपुर समेत आठ गांवों को सालों पुरानी जलजमाव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक पहल शुरू हुई है। क्षेत्र में अलग-अलग टुकड़ों में नाला निर्माण के बजाय एक व्यापक और सामूहिक जल निकासी व्यवस्था (मास्टर ड्रेनेज प्लान) विकसित करने की मांग को लेकर स्थानीय निवासी राजीव रंजन शर्मा उर्फ मंटू शर्मा ने एक विस्तृत आवेदन दिया है।

केंद्रीय मंत्री (पंचायती राज, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय) के निर्देशानुसार इस आवेदन को अग्रेतर वैधानिक व त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी, पटना के समक्ष प्रेषित कर दिया गया है।

​जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में अथमलगोला में स्थित बहादुरपुर,जमालपुर,जमालपुर विगहापर,कल्याणपुर डीह,चकसरवर,काशीमपुर दाढ़ी,करजान,सूर्यपुरा इन सभी आठों गांवों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि समुचित और नियोजित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी इन गांवों में भारी जलजमाव हो जाता है। इसके कारण ग्रामीणों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूट जाता है, दैनिक आवागमन पूरी तरह बाधित होता है और आसपास के खेतों में पानी भरने से खेती-बाड़ी को भारी नुकसान पहुँचता है।

​अलग-अलग नाले के बजाय 'मास्टर प्लान' की मांग

​ग्रामीण प्रतिनिधि राजीव रंजन शर्मा ने स्पष्ट किया कि छिटपुट तरीके से अलग-अलग स्तर पर छोटे नाले बनाने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए एक बड़े पैमाने पर सामूहिक जल निकासी की एकीकृत व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे इन गांवों का पानी सीधे मुख्य निकास स्रोत तक पहुँच सके।

केंद्रीय मंत्री के कार्यालय से जारी पत्र में पटना डीएम से अभ्यावेदन में वर्णित समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और की गई प्रगति से मंत्री महोदय को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है।अब पूरे अथमलगोला क्षेत्र के ग्रामीणों की नजरें जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली जमीनी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि यह सामूहिक जल निकासी योजना जल्द धरातल पर उतरती है, तो इन 8 गांवों के हजारों लोगों को दशकों पुरानी नारकीय समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।


Click Here To Read More ,खबर को पढ़ने के लिए क्लिक करें

What's Your Reaction?

like
1
dislike
0
love
0
funny
1
angry
0
sad
0
wow
0