बच्चे को हिरासत में लेने की खबर भ्रामक, सुरक्षा के लिए भीड़ से निकालकर परिजनों को सौंपा- पटना पुलिस
सोशल मीडिया पर बच्चे को ले जाते हुए वीडियो प्रसारित कर दावा किया जा रहा था कि उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पटना पुलिस ने इसका पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा है कि इस घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
पटना: पटना में बीते 25 अगस्त को विभिन्न मांगों को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर का पटना पुलिस (नगर पुलिस अधीक्षक, मध्य) ने खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एक बच्चे को हिरासत (डिटेन) में लिए जाने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 25 अगस्त को शहर में विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से निर्धारित स्थल पर ही रहकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही थी।
हालांकि, पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे। भीड़ ने प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को तोड़ने और हटाने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। इससे इलाके की यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हुई।
इसी गहमा-गहमी के बीच पुलिसकर्मियों ने मौके पर एक मासूम बच्चे को मौजूद पाया। भीड़ और संभावित भगदड़ से बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने उसे तुरंत वहां से हटाया और बाद में उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सोशल मीडिया पर बच्चे को ले जाते हुए वीडियो प्रसारित कर दावा किया जा रहा था कि उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पटना पुलिस ने इसका पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा है कि इस घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
पटना पुलिस ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले हर नागरिक के अधिकारों का सम्मान करती है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान जन-सुरक्षा, शहर की यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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