देश/विदेश /रविशंकर कुमार के साथ गौरव कुमार की रिपोर्ट// लोग अभी कोरोना वायरस के प्रकोप से उभरे ही थे, कि एक नए चीनी वायरस के दस्तक ने टेंशन लोगो का बढ़ा दिया। इस वायरस का नाम है HMPV। जिसका पूरा मतलब है, ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस। यह एक श्वसन तंत्र से जुड़ा वायरस है। जो कि बच्चों और बुजुर्गों में जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती हैं, उनको नुकसान पहुंचा सकती है।
अभी तक चीन और मलेशिया कई अन्य देश में मरीज मिलने के बाद भारत में 6 जनवरी तक 6 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें 2 बंगलौर, 1 अहमदाबाद, 1 कोलकाता, और 2 चेन्नई है। यह सभी नवजात है, जिनकी आयु 2 महीने से 8 महीने के बीच है। देश में बढ़ते मामले के बीच बिहार सरकार भी अलर्ट मोड में है। और बिहार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि कोरोना से जुड़ी दवा, किट, ऑक्सीजन मास्क, वेंटिलेटर, मास्क हॉस्पिटल में उपलब्ध रहे।

रेस्पिरेटरी और बुखार के मरीज के इलाज के लिए अस्पताल को अधिक से अधिक व्यवस्था हो। केस बढ़ने की स्थिति में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में फ्लू कार्नर को एक्टिवेट किया जाए। सभी हेल्थ वर्कर्स को HMPV से बचाव के बारे मे ट्रेंड किया जाए। इनफ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी निमोनिया (ASRI) के केस को हर दिन IHIP पोर्टल पर अपडेट करें।अस्पताल में गंभीर रूप से भर्ती ASRI केस के सैंपल NVI पुणे भेजा जाए ताकि HMPV का लैब कनफर्मेशन हो सके।
स्वस्थ विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने कहा है कि HMPV वायरस से बचाव के उपाय वही हैं, जो कोरोना के दौरान अपनाए गए थे। इसे आरटी-पीसीआर जांच से पहचाना जा सकता है। सभी को सतर्कता बरतने और अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए सभी जिला पदाधिकारी को HMPV से संबंधित एडवाइजरी जारी किया है।
क्या है इसके लक्षण।
HMPV वायरस के लक्षण कोरोना से मिलते जुलते है। जैसे कि बुखार, कफ,नाक जाम, गले में खरास, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, सांस लेने में दिक्कत आदि है। HMPV का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने अथवा छींकने से फैलता है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति को छूने, एंव संक्रमित वस्तुओं के मुंह, आंख अथवा नाक के संपर्क में आने से फैल सकता है।
क्या है बचने के उपाय।
इससे बचने के उपाय भी कोरोना की तरह है। हाथों को साबुन एवं पानी से लगातार धोना है। गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को नहीं छूना है।संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखनी है। खांसते एवं छींक के समय मुंह को रूमाल से ढंकना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए वस्तुओं को लगातार साफ करना है। संक्रमण की अवधि में खुद को घर में ही आइसोलेट करना है।
छोटे बच्चे, 60 वर्षों से अधिक उम्र वाले व्यक्ति तथा कमजोर इम्यूनिटी वाले को विशेष ऐहतियात बरतने की जरूरत है।
Click Here To Read More ,खबर को पढ़ने के लिए क्लिक करें