आपदा में मस्ती या मौत को बुलावा- बाढ़ के उफनते पानी में स्टंट करती महिलाओं का वीडियो वायरल

​स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें दिन-रात लोगों की जान बचाने में जुटी हैं, और दूसरी तरफ ऐसी तस्वीरें प्रशासन की तैयारियों पर भी पानी फेरती हैं। यदि ऐसे हादसों में कोई अनहोनी हो जाती है, तो इसका खामियाजा केवल उस व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को जिंदगी भर भुगतना पड़ता है।

आपदा में मस्ती या मौत को बुलावा- बाढ़ के उफनते पानी में स्टंट करती महिलाओं का वीडियो वायरल

​धीरज सिन्हा/शेखपुरा--बाढ़ का पानी किसी मनोरंजन पार्क का स्विमिंग पूल नहीं, बल्कि विनाश का दूसरा नाम है। सोशल मीडिया पर बिहार के शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ महिलाएं उफनती बाढ़ के गहरे पानी में छलांग लगाकर नहाती और बेफिक्र होकर मस्ती करती दिख रही हैं। लोगों को भले ही इसमें ग्रामीण जीवन का 'खुशनुमा' अंदाज दिख रहा हो, लेकिन सच यह है कि यह बेफिक्री पलभर में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

​सावधानी हट दुर्घटना घटी: यह आनंद नहीं, जानलेवा लापरवाही है

​बाढ़ के पानी को देखकर रोमांचित होना और उसमें छलांग लगाना किसी भी लिहाज से बहादुरी नहीं, बल्कि सरासर नादानी है। बाढ़ का पानी अपने साथ कई अदृश्य और जानलेवा खतरे लेकर आता है:

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गहराई और तेज बहाव का भ्रम: बाढ़ के गंदे पानी के नीचे क्या है—गहरा गड्ढा, तेज भंवर, या फिर कटी हुई बिजली की तारें—यह बाहर से कभी नजर नहीं आता। एक गलत कदम और तेज बहाव किसी को भी पलक झपकते ही बहा कर ले जा सकता है।घातक बीमारियों को दावत: बाढ़ का पानी केवल पानी नहीं होता, उसमें सीवर का कचरा, मरे हुए जानवरों के अवशेष और खतरनाक रसायन मिले होते हैं। ऐसे पानी में नहाने से हैजा, टाइफाइड, लेप्टोस्पायरोसिस और गंभीर त्वचा रोग होना तय है।

​जहरीले जीवों का डर: बाढ़ के पानी में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतु अपने आश्रय की तलाश में बहते रहते हैं। पानी में उतरना सीधे तौर पर इन्हें न्योता देना है।

​सुधरने की जरूरत: सोशल मीडिया के 'लाइक्स' से ज्यादा कीमती है जिंदगी

​स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें दिन-रात लोगों की जान बचाने में जुटी हैं, और दूसरी तरफ ऐसी तस्वीरें प्रशासन की तैयारियों पर भी पानी फेरती हैं। यदि ऐसे हादसों में कोई अनहोनी हो जाती है, तो इसका खामियाजा केवल उस व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को जिंदगी भर भुगतना पड़ता है।

​वीडियो पर ताली बजाने और इसे 'देशी स्वैग' या 'खुशनुमा दृश्य' बताने वाले यूजर्स को भी समझना होगा कि जानलेवा लापरवाही को बढ़ावा देना बंद करें। बाढ़ के पानी से दूरी बनाएं, बच्चों और महिलाओं को ऐसे खतरों से दूर रखें, और इसे मनोरंजन का साधन समझने की भूल बिल्कुल न करें।याद रखें, जल का अनुशासन ही जीवन की सुरक्षा है—थोड़ी सी बेफिक्री पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है।


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