बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सर्प दंश का खतरा,जानिए सांप डसने के बाद इलाज का रामबाण उपाय।
जिस व्यक्ति को सर्प दंश हुआ है वह व्यक्ति तीन घंटे तक नहीं मरेगा।जब मस्तिष्क के साथ साथ पूरा शरीर में विष पहुंचेगा तभी वह व्यक्ति मरेगा।
प्रिया सिंह की रिपोर्ट//पटना--बारिश का मौसम आते ही सर्प दंश का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।इस सम्बन्ध में एक संक्षिप्त साक्षात्कार में बीएन24 लाइव की रिपोर्टर से जानकारी साझा करते हुए पटना एवं बाढ़ में संचालित अपने क्लिनिक के माध्यम से सेकड़ों मरीजों को स्वस्थ करने वाले प्रसिद्ध हेम्योपैथ चिकित्सक डॉ प्रशांत सिंह ने बताया की सांप डसने से उसके दो दांत का निशान दिखाई देते हैं।दो दांतों से वह विष मनुष्य के शरीर में यानि जहर छोड़ता है।वह विष रक्त के द्वारा हृदय तक जाता है।उसके बाद पूरे शरीर में पहुंचता है।सांप शरीर में कहीं भी डसने के बाद वह विष पहले हृदय तक जाता है उसके बाद पूरे शरीर में फैलता है। यह विष पूरे शरीर में पहुंचने के लिए कम से कम तीन घंटे का समय लगता है। यानि कि जिस व्यक्ति को सर्प दंश हुआ है वह व्यक्ति तीन घंटे तक नहीं मरेगा।जब मस्तिष्क के साथ साथ पूरा शरीर में विष पहुंचेगा तभी वह व्यक्ति मरेगा।
वह व्यक्ति को बचाने के लिए आपके पास तीन घंटे का समय है,इस तीन घंटे में आप बहुत कुछ कर सकते हो।एक दवाई NAJA २०० होम्योपैथिक है तथा सस्ती है।जिसे आप घर में भी रख सकते हैं। यह किसी भी होम्योपैथिक दवाई की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। इस दवाई से आप कम से कम सौ लोगों की जान बचा सकते हैं।जिसकी कीमत करीब 50 रूपये है।यह दवाई विश्व का सबसे ख़तरनाक जहरीला सांप क्रॅक के जहर से बनाया गया है।
इस सांप का विष सबसे घातक माना गया है,यह विष दूसरे सांप का विष उतारने के लिए काम आता है। इस दवाई का एक बूंद जीभ में रखें, और दस मिनट के बाद फिर दूसरी बूंद रखें। फिर तीसरी बार एक बूंद फिर दस मिनट के बाद रखें।ऐंसा तीन बार करके छोड़ दें।बस इतना करके उस व्यक्ति, प्राणी,जीव, जन्तु, पशु, पक्षी, जानवरों आदि का प्राण बचा सकते हैं।
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