मुखिया को जानकारी तक नही निकाल ली गयी लाखो की राशि योजना नदारद।

The amount of lakhs was not withdrawn even to the information of the chief

मुखिया को जानकारी तक नही निकाल ली गयी लाखो की राशि योजना नदारद।

शेखपुरा(धीरज सिन्हा की रिपोर्ट) -- जिले के शेखोपुरसराय प्रखण्ड क्षेत्र के अम्बारी पंचायत के अम्बारी गांव निवासी वर्तमान मुखिया सुभाष तमोली (तमोड़ी) कहने को तो पंचायत के मुखिया हैं। पर आज तक चेक एवं अन्य कागजात पर दस्तखत करने के सिवा इन्होंने अपने क्षेत्र के लिये कुछ भी नहीं किया। मुखिया जी जिस जाति से आते हैं, उस जाति का पंचायत में एकमात्र घर इन्हीं का है। बाबजुद इसके ये मुखिया का चुनाव जीत जाते हैं, हैरानगी की बात यहीं से शुरू होती है। दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुखिया जी चुनाव जीतते नहीं हैं, इन्हें जितवाया जाता है।

उसके बाद असली खेल शुरू होता है। मुखिया के प्रतिनिधि बनते हैं गांव के ही निर्मलेश सिंह उर्फ मुकेश सिंह। यहां के बाद मुकेश सिंह मुखिया जी पर हावी होना शुरू कर देते हैं। जबरन चेक पर दस्तखत करवा कर योजना की राशि हड़पने से लेकर तमाम तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं।

मुखिया जी को दो-तीन साल तक इसकी भनक भी नहीं लगती। पर जब भनक लगी तो इन्होंने बिरोध करना शुरू कर दिया। उसके बाद मुकेश सिंह ने मुखिया जी के लेटर पैड में अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करवा कर मुखिया जी को मीटिंग एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने तक से बंचित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले एक साल से प्रखण्ड स्तरीय बैठकों में भी मुखिया की जगह मुकेश सिंह ही जाते हैं और वहां रजिस्टर में दस्तखत भी उन्हीं का होता है। मुखिया जी ने साल 2020 में ग्रामीण बैंक और केनरा बैंक शेखोपुरसराय को पंचायत का खाता बन्द करने का आवेदन दिया था, जिसके बाद बिना इनकी अनुमति के 2021 में भी खाते से निकासी हो गई। इसके लिये उन्होंने बैंक से बात किया तो बैंक वालों ने बीडीओ से मिलकर बात करने को कहा। अब बात करते हैं सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना मनरेगा की। मनरेगा के तहत कई जगह बिना कार्य किये राशि की निकासी हो गई। उदाहरण के लिये अरविंद सिंह के खेत से खीरी तर होते हुए शिवाला तक का योजना है, जहां काम हुआ ही नहीं। वहीं राशि की निकासी में भी हेराफेरी हुई है। गांव के नाबालिग और वृद्धापेंशन भोगियों के खाते में भी राशि ट्रांसफर की गई है। उदाहरण के रूप में कारी देवी, प्रिंस कुमार, शिवम कुमार, कोमल कुमारी, कलेवर कुमारी का नाम शामिल है। बिरोध करने पर मुखिया के साथ मारपीट की जाती है और जान मारने की धमकी भी दी जाती है। मुखिया ने कई बार इसके लिये नीचे से लेकर उच्चस्तरीय पदाधिकारियों को आवेदन दिया है। रजिस्ट्री कर आवेदन भेजा गया है। पर आज तक सुनवाई नहीं हुई है। एक बार तो मुखिया जी का घर भी उनलोगों के द्वारा घेर लिया गया था, तब मुखिया की गुहार पर पुलिस कप्तान कार्तिकेय शर्मा को पुलिस भेजना पड़ा था।


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